Mutual Credit Guarantee Scheme

Mutual Credit Guarantee Scheme[MCGS] – सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा 100 करोड़ का गारंटी फ्री लोन, जानें नए नियम

भारत सरकार ने देश के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के लिए Mutual Credit Guarantee Scheme (MCGS) में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। 22 मार्च 2026 को जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें ‘सर्विस सेक्टर’ को भी शामिल कर लिया गया है।

Mutual Credit Guarantee Scheme

अगर आप एक छोटा कारखाना चलाते हैं या कोई सर्विस आधारित स्टार्टअप (जैसे IT, लॉजिस्टिक्स या हेल्थकेयर), तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

MCGS-MSME योजना 2026 : मुख्य विवरण

विवरण (Details) नई गाइडलाइंस (March 2026)
योजना का नाम Mutual Credit Guarantee Scheme (MCGS)
अपडेट की तारीख 22 मार्च 2026
अधिकतम लोन सीमा ₹100 करोड़ तक
सरकारी गारंटी 60% से 75% तक (बिना किसी कोलेटरल के)
पात्रता मैन्युफैक्चरिंग और अब ‘सर्विस सेक्टर’ भी
ब्याज दर में राहत बेस रेट से 1.5% से 2% कम (चुनिंदा बैंकों में)

 

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2026 के नए बदलाव

Mutual Credit Guarantee Scheme में 2026 में कुछ बदलाव किये गये है जो निम्न प्रकार है –

1. सर्विस सेक्टर का समावेश (Service Sector Entry)

अब तक Mutual Credit Guarantee Scheme मुख्य रूप से सामान बनाने वाली (Manufacturing) यूनिट्स के लिए थी। लेकिन अब आईटी (IT), ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसी सर्विस देने वाली कंपनियां भी 100 करोड़ तक का लोन ले सकेंगी।

2. कैश-बैक और रिफंड सुविधा

पहले MSME को गारंटी फीस के तौर पर 5% पैसा शुरू में जमा करना पड़ता था। अब नए नियमों के अनुसार, अगर आप समय पर लोन चुकाते हैं, तो 4 साल बाद यह 5% फीस सरकार आपको वापस (Refund) कर देगी।

3. एक्सपोर्टर्स के लिए विशेष छूट

जो MSME अपना सामान विदेश भेजते हैं (Exporters), उनके लिए सरकार अब 75% तक की क्रेडिट गारंटी देगी। इसका मतलब है कि अगर आप लोन नहीं चुका पाते, तो 75% नुकसान की भरपाई सरकार करेगी, बैंक को आपसे डरने की ज़रूरत नहीं होगी।

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MCGS योजना के लाभ

  1. बिना गारंटी के लोन (No Collateral)- आपको अपनी ज़मीन या घर बैंक के पास गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं है। सरकार आपकी गारंटी लेगी।

  2. मशीनरी और प्लांट के लिए फंड- नए प्लांट लगाने या पुरानी मशीनों को अपग्रेड करने के लिए यह सबसे सस्ता लोन है।

  3. वर्किंग कैपिटल सपोर्ट- कच्चा माल खरीदने और सैलरी देने के लिए भी फंड की सुविधा।

  4. डिजिटल आवेदन- पूरी प्रक्रिया को ‘Udyam Portal’ से जोड़ दिया गया है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हो गई है।

पात्रता मानदंड

सरकारी डेटा के अनुसार, निम्नलिखित लोग Mutual Credit Guarantee Scheme के लिए पात्र हैं-

  1. जिनके पास वैध Udyam Registration है।

  2. जो MSME पिछले 2 साल से सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

  3. जिनका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) 700 से ऊपर है।

  4. सर्विस सेक्टर की वे कंपनियां जिनका सालाना टर्नओवर 250 करोड़ से कम है।

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आवेदन कैसे करें ?

  1. Udyam Portal [ यहाँ क्लिक करे – matual credit guarantee scheme ] पर रजिस्टर करें- सबसे पहले अपनी फर्म का उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाएं।

  2. बैंक से संपर्क करें- अपने नज़दीकी कमर्शियल बैंक (SBI, PNB, BoB आदि) या NBFC में जाएं जो MCGS के तहत लिस्टेड हैं।

  3. प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करें- आपको बताना होगा कि आप इस पैसे का इस्तेमाल कहाँ करेंगे (जैसे- नई मशीन खरीदना)।

  4. ऑनलाइन अप्रूवल- बैंक आपकी एप्लीकेशन को ‘Credit Guarantee Trust’ (CGTMSE) पोर्टल पर भेजेगा। अप्रूवल मिलने के बाद 7-10 दिनों में पैसा खाते में आ जाएगा।

निष्कर्ष

Mutual Credit Guarantee Scheme – MSME 2026 की नई गाइडलाइंस भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सर्विस सेक्टर को शामिल करने से शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छोटे व्यापारियों को अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अब पैसों की चिंता नहीं करनी होगी। यदि आप एक उद्यमी हैं, तो इस मौके का फायदा उठाएं और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।

FAQs

Q.1 क्या पुराने लोन को MCGS में बदला जा सकता है ?

नहीं, यह योजना केवल नए लोन (Fresh Credit) या मौजूदा यूनिट के विस्तार के लिए है।

Q.2 इसमें कितनी प्रोसेसिंग फीस लगती है ?

सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे प्रोसेसिंग फीस को 0.5% से कम रखें।

Q.3 क्या स्टार्टअप्स भी इसके लिए पात्र हैं ?

हाँ, अगर स्टार्टअप का उद्यम रजिस्ट्रेशन है और उनके पास एक ठोस बिजनेस मॉडल है, तो वे आवेदन कर सकते हैं।

Q.4 गारंटी शुल्क (Guarantee Fee) कितनी है ?

यह लोन की राशि पर निर्भर करती है, जो आमतौर पर 0.37% से 1% के बीच सालाना होती है।

Q.4 क्या इस योजना के लिए अपनी जमीन या घर के कागज बैंक के पास गिरवी रखने होंगे ?

बिल्कुल नहीं! इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह पूरी तरह Collateral-Free है। इसका मतलब है कि आपको बैंक के पास कोई गारंटी या प्रॉपर्टी के कागजात नहीं देने होंगे। आपकी जगह भारत सरकार बैंक को गारंटी देती है, जिससे छोटे व्यापारियों को लोन मिलने में कोई रुकावट नहीं आती।

Q.5 सर्विस सेक्टर के कौन-कौन से बिजनेस इस 100 करोड़ के लोन के लिए पात्र हैं ?

22 मार्च 2026 के नए नियमों के अनुसार, अब आईटी (IT) सर्विसेज, लॉजिस्टिक्स (ट्रांसपोर्ट), हेल्थकेयर यूनिट्स (प्राइवेट अस्पताल/लैब), एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स और ई-कॉमर्स कंपनियां भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। बस शर्त यह है कि आपके पास एक वैध Udyam Registration होना चाहिए और आपका सालाना टर्नओवर 250 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए।

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