PM PRANAM Scheme : 2026 – रासायनिक खाद कम इस्तेमाल करने पर किसानों को मिलेंगे ₹10,000, जानें रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया

धरती माता की उर्वरता बचाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने PM Pranam scheme (Prime Minister Programme for Restoration, Awareness, Nourishment and Amelioration of Mother Earth) योजना के दूसरे चरण को 2026 में बड़े स्तर पर लागू किया है। इस योजना का मकसद यूरिया और अन्य रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल को कम करना है। जो किसान या पंचायतें खाद की बचत करेंगी, सरकार उस बचत का 50% हिस्सा सीधे नकद प्रोत्साहन (Incentive) के रूप में उन्हें वापस देगी।
PM-PRANAM Yojana 2.0 – मुख्य विवरण
| विवरण | ताज़ा अपडेट (2026) |
| योजना का नाम | PM-PRANAM Yojana 2.0 |
| मुख्य लाभ | सब्सिडी की बचत का 50% नकद इनाम |
| टारगेट | रासायनिक खाद का 25-30% कम इस्तेमाल |
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश |
| नया अपडेट | व्यक्तिगत किसानों के लिए ₹10,000 तक का ‘Soil Health’ बोनस |
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किसानों को पैसा कैसे मिलेगा ?
PM Pranam scheme में किसानो को पैसा कैसे मिलेगा उसकी जानकारी निम्न है –
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सब्सिडी की बचत- मान लीजिए एक राज्य पिछले साल 100 बोरी यूरिया इस्तेमाल करता था और इस साल उसने केवल 75 बोरी इस्तेमाल की।
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50% हिस्सा वापस- यूरिया पर सरकार जो सब्सिडी बचाएगी, उसका 50% पैसा उस राज्य या जिले की पंचायतों और किसानों को वापस दिया जाएगा।
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व्यक्तिगत लाभ- 2026 के नए नियमों के अनुसार, जो किसान अपनी मिट्टी की जांच कराकर ‘Bio-Fertilizer’ (जैविक खाद) का उपयोग करेंगे, उन्हें ₹5,000 से ₹10,000 तक का ‘मृदा स्वास्थ्य प्रोत्साहन’ (Soil Health Incentive) सीधे बैंक खाते में मिलेगा।
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PM-PRANAM योजना के लाभ
PM Pranam scheme के बहुत से लाभ है जिसमे से प्रमुख निम्न है –
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लागत में कमी- कम रासायनिक खाद मतलब कम खर्चा।
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मिट्टी की सेहत- लंबे समय तक खेत उपजाऊ बने रहेंगे।
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आधुनिक तकनीक- किसानों को नैनो यूरिया (Nano Urea) और जैविक खाद के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।
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अतिरिक्त आय- खाद बचाने पर मिलने वाला नकद पुरस्कार किसानों के लिए बोनस की तरह होगा।
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आवेदन और पात्रता
PM Pranam scheme के लिए आवेदन कैसे करना हिया और PM Pranam scheme के लिए क्या पात्रता होनी चाहिए जो निचे बताई गई है –
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पात्रता- भारत का कोई भी किसान जिसके पास ‘Soil Health Card’ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) है।
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रजिस्ट्रेशन- इसके लिए अलग से कोई भागदौड़ नहीं करनी है। आपको अपने नजदीकी ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ (KVK) में जाकर pm pranam scheme ऑफिसियल वेबसाइट https://fert.gov.in के माध्यम से कर सकते हो या ग्राम पंचायत में अपना आधार कार्ड और बैंक डायरी जमा करानी होगी।
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निरीक्षण- कृषि अधिकारी आपके खेत का मुआयना करेंगे और देखेंगे कि आपने पिछले साल के मुकाबले कितनी रासायनिक खाद कम खरीदी है।
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निष्कर्ष
PM Pranam scheme 2026 केवल पर्यावरण बचाने की योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों की जेब भरने का एक आधुनिक तरीका है। रासायनिक खाद से दूरी बनाकर आप न केवल अपनी जमीन बचा सकते हैं, बल्कि सरकार से नकद इनाम भी पा सकते हैं। यदि आप भी एक जागरूक किसान हैं, तो इस सीजन में जैविक खेती की शुरुआत करें।
FAQs
Q.1 PM Pranam scheme का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
PM Pranam scheme का मुख्य उद्देश्य खेती में रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) जैसे यूरिया और DAP के बढ़ते इस्तेमाल को कम करना और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देना है। इससे सरकार की खाद सब्सिडी का बोझ कम होगा और मिट्टी की सेहत सुधरेगी।
Q.2 क्या किसानों को सीधे नकद पैसा मिलेगा ?
हाँ, 2026 के नए अपडेट के अनुसार, जो किसान जैविक खाद अपनाकर रासायनिक खाद की बचत करेंगे, उन्हें ₹5,000 से ₹10,000 तक का प्रोत्साहन (Incentive) सीधे उनके आधार लिंक बैंक खाते (DBT) में दिया जाएगा।
Q.3 क्या यूरिया और DAP पूरी तरह से बंद हो जाएंगे ?
नहीं, सरकार खाद बंद नहीं कर रही है। सरकार केवल यूरिया की जगह ‘लिक्विड नैनो यूरिया’ (Nano Urea) और डीएपी की जगह ‘नैनो डीएपी’ के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रही है, जो कि फसलों के लिए कम हानिकारक और अधिक असरदार हैं।
Q.4 इस योजना के लिए आवेदन या रजिस्ट्रेशन कैसे करें ?
इसके लिए अलग से कोई लंबा फॉर्म नहीं भरना है। किसानों को अपने नजदीकी ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ (KVK) या ग्राम पंचायत के कृषि पर्यवेक्षक के पास अपना ‘Soil Health Card’ और आधार कार्ड जमा करना होगा। राज्य सरकारें खाद की खरीद के डेटा के आधार पर लाभार्थियों का चयन करती हैं।
Q.5 क्या इस योजना का लाभ केवल पुराने किसानों को मिलेगा ?
नहीं, भारत का कोई भी किसान जिसके नाम पर खेती योग्य भूमि है और जो रासायनिक खाद की खपत कम करने का संकल्प लेता है, वह इस योजना का हिस्सा बन सकता है। नए और युवा किसान जो जैविक स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
Q.6 सब्सिडी की बचत का पैसा पंचायतों को कैसे मिलेगा ?
सरकार सब्सिडी की जितनी बचत करेगी, उसका 50% हिस्सा संबंधित राज्य को ग्रांट के रूप में देगी। उस ग्रांट का 70% पैसा पंचायतों और गांवों में आधुनिक खेती के उपकरण (जैसे ड्रोन, खाद छिड़कने वाली मशीनें) खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
Q.7 क्या नैनो यूरिया सामान्य यूरिया से सस्ता है ?
हाँ, नैनो यूरिया की एक छोटी बोतल (500ml) एक बोरी यूरिया के बराबर काम करती है और इसकी कीमत सामान्य यूरिया की बोरी से कम होती है। साथ ही, इसे ले जाना और इस्तेमाल करना भी बहुत आसान है।
Q.8 क्या पीएम-प्रणाम योजना के साथ दूसरी कृषि योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है ?
बिल्कुल! आप पीएम-किसान (PM-Kisan) और फसल बीमा योजना के साथ-साथ पीएम-प्रणाम योजना का लाभ भी ले सकते हैं। यह योजना अन्य कृषि योजनाओं के पूरक के रूप में काम करती है।