Rajasthan Scooty Yojana : अब फ्री स्कूटी नहीं देगी सरकार! भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, छात्राओं को करना होगा ये जरूरी काम

राजस्थान की मुफ्त स्कूटी वितरण कार्यक्रम से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं – कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना – में भजनलाल सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। अब पात्र छात्राओं को सरकार सीधे स्कूटी देने के बजाय डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करेगी।

इस नए फैसले के बाद छात्राएं अपनी पसंद की किसी भी कंपनी और मॉडल की स्कूटी खरीद सकेंगी। साथ ही उन्हें स्कूटी मिलने के लिए सालों तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

दरअसल, राजस्थान में मेधावी और प्रतिभाशाली छात्राओं के लिए कई वर्षों से चलाई जा रही इन स्कूटी योजनाओं में अब बड़ा और गेमचेंजर बदलाव किया गया है। गवर्नमेंट कॉलेज झुंझुनूं में प्रोफेसर और योजना के जिला नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले सरकार पात्र छात्राओं को सीधे स्कूटी उपलब्ध कराती थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया बदल दी गई है।

अब सरकार स्कूटी खरीदकर वितरण करने के बजाय सीधे छात्राओं के बैंक खातों में तय राशि जमा कराएगी। यह बदलाव कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना दोनों पर लागू होगा।

सालों तक करना पड़ता था इंतजार

अब तक सरकार अपने स्तर पर पूरे राजस्थान में पात्र छात्राओं के लिए स्कूटी खरीदती थी। इसके बाद उन्हें अलग-अलग जिलों में भेजा जाता था और फिर वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। इस पूरी प्रक्रिया में काफी देरी होती थी।

कई बार छात्राओं को 2 से 3 साल तक स्कूटी मिलने का इंतजार करना पड़ता था। हालत यह थी कि कई चयनित छात्राओं को अब तक स्कूटी नहीं मिल पाई थी।

अब सरकार के नए निर्णय के अनुसार वर्ष 2024-25 में पात्र छात्राओं के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। इससे छात्राओं को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि स्कूटी के बदले कितनी राशि बैंक खाते में भेजी जाएगी।

आखिर क्यों लिया गया ये फैसला ?

सरकार को स्कूटी वितरण प्रक्रिया में लगातार कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसमें स्कूटी खरीद, भंडारण, ट्रांसपोर्ट और वितरण जैसी परेशानियां शामिल थीं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद:

  • स्कूटी वितरण में होने वाली देरी खत्म होगी
  • छात्राओं को समय पर लाभ मिलेगा
  • अपनी पसंद की स्कूटी खरीदने की आजादी मिलेगी
  • सीधे बैंक खाते में पैसा आने से परिवार को आर्थिक सहारा भी मिलेगा

कितनी छात्राओं को मिलेगा फायदा ?

कालीबाई भील और देवनारायण योजना के झुंझुनूं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस बदलाव के बाद वर्ष 2024-25 में झुंझुनूं जिले की 702 पात्र छात्राओं और सीकर जिले की करीब 800 छात्राओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी।

वहीं पूरे राजस्थान में चयनित 25,977 छात्राओं को अब स्कूटी की जगह सीधे बैंक खाते में राशि दी जाएगी।

अब छात्राओं को क्या करना होगा ?

जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार के अनुसार छात्राओं को कुछ जरूरी अपडेट करने होंगे:

  • आवेदन में बैंक डिटेल अपडेट करना अनिवार्य है
  • बैंक खाता छात्रा के नाम पर होना जरूरी है
  • पासबुक या कैंसिल चेक की कॉपी अपलोड करनी होगी
  • जिन छात्राओं को अभी तक स्कूटी नहीं मिली है, वे ई-मित्र केंद्र जाकर जानकारी अपडेट करें

अंतिम तारीख बेहद करीब

बैंक डिटेल अपडेट करने की अंतिम तारीख 7 मई 2026 तय की गई है। वहीं जिला स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया 8 मई 2026 तक चलेगी। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि इन तारीखों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

योजना प्रभारी ने क्या कहा ?

योजना के झुंझुनूं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा,

“यह बदलाव सिर्फ प्रक्रिया में नहीं बल्कि सोच में भी बड़ा बदलाव है। अब छात्राएं सरकारी तय मॉडल तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से स्कूटी खरीद सकेंगी। साथ ही कॉलेजों को भी स्कूटी स्टोर करने, सुरक्षा और वितरण जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार का यह कदम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और योजना को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।

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